
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पुलिस अफसरों को ड्यूटी देना रास नहीं आ रहा है। प्रदेश से 22 आईपीएस अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों सहित कई विभागों में प्रतिनियुक्ति पर हैं। कई अधिकारियों ने इच्छा पत्र भेज रखे हैं। इसके अलावा चार आईपीएस यूएन मिशन पर गए हैं। प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारियों में 1984 बैच के आईपीएस सोमेश गोयल, पवन कुमार डेका, बीएनएस नेगी, श्याम भगत नेगी, डॉ. अतुल वर्मा, अनुराग गर्ग, अशोक तिवारी, जहूल हैदर जैदी, श्रत्विक रुद्रा, एन वेणुगोपाल, अजय यादव, डीके यादव, हिमांशु मिश्रा, ज्ञानेश्वर, जेपी सिंह, अतुल कुमार फुलझेले, आसिफ जलाल, बृज मोहन शर्मा, पुपल दत्त, सोनल अग्निहोत्री, रामेश्वर ठाकुर शामिल हैं। इसके रंजना शर्मा और गुरुदेव यूएन मिशन पर हैं। प्रदेश में 89 आईपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पद हैं। इनमेें 67 पदों पर ही अधिकारी नियुक्त हैं जबकि 22 पद खाली हैं। इसी तरह हिमाचल पुलिस सेवा के 14 पद खाली हैं। अगले छह महीने में कई आईपीएस सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं। ऐसे में प्रदेश पुलिस में अधिकारियों की कमी और बढ़ जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहा कहना है प्रदेश से बाहर नियुक्ति के कई कारण हैं। इनमें पारिवारिक कारणों के अलावा अच्छा वेतन और अतिरिक्त भत्ते की सुविधा शामिल है। प्रदेश से बाहर जाने का एक प्रमुख कारण राजनीतिक हस्तक्षेप और अधिकारियों का अनावश्यक दबाव से निजात पाना भी रहता है।
तीन आईएएस हो रहे सेवानिवृत्त
दिसंबर 2013 में एडीजीपी मानवाधिकार आयोग केसी सडयाल सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसके अलावा अप्रैल 2014 में आईजी टूरिस्ट ट्रैफिक रेलवे अशोक शर्मा और जून में एसपी मंडी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
